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सूर्य उदय योजना का उद्देश्य स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत, सरकार लोगों को सोलर पैनल लगाने और सौर ऊर्जा का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करती है। यह योजना पर्यावरण को सुरक्षित रखने, ऊर्जा की खपत को कम करने और सौर ऊर्जा के माध्यम से स्थिर और किफायती बिजली उपलब्ध कराने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
योजना के लाभ
- पर्यावरण अनुकूल: सौर ऊर्जा प्रदूषण रहित और पर्यावरण के अनुकूल होती है, जिससे कार्बन फुटप्रिंट कम होता है।
- लागत में कमी: एक बार सोलर पैनल लगाने के बाद बिजली का खर्च काफी हद तक कम हो जाता है।
- स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत: सौर ऊर्जा अक्षय ऊर्जा स्रोत है, जिससे बिजली की कमी की समस्या का समाधान होता है।
- सरकारी सब्सिडी और अनुदान: इस योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने पर सरकार द्वारा सब्सिडी और अनुदान दिया जाता है।
Pradhan Mantri Suryoday Yojana (PMSY) Benefits
- प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना (PMSY) के कारण भारत देश ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर व सशक्त बन पाएगा।
- गरीब एवं माध्यम परिवारों को अधिक लाइट बिल आने से उसका पेमेंट करने की चिंता नहीं रहेगी।
- केंद्र सरकार द्वारा लाभार्थियों को अधिक से अधिक सब्सिडी का लाभ उपलब्ध करवाया जाएगा।
- Pradhanmantri Suryoday Scheme 2024 के तहत देश के 1 करोड़ परिवारों को लाभान्वित किया जा सकेगा।
- एकबार सोलर रूफ़टोप पैनल इंस्टॉल होने के बाद उनकी क्षमता के अनुसार लाभार्थी अपने घर में अधिक लाइट, पंखे और ऐसी का इस्तेमाल भी कर सकेगा।
- पीएम सूर्योदय योजना में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कारवाई जाएगी ताकि लाभार्थी अपने घर बैठे बैठे ही Online Registration कर अधिक Subsidy का लाभ उठा सकेगा।
कितनी मिलती है सब्सिडी?
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अगर आप 2 किलोवाट तक का सोलर पैनल लगवाते हैं. तो आपको 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है. इसके बाद अगर आप 3 किलोवाट तक का सोलर पैनल लगवाते हैं तो आपको 18000 रुपए प्रति वाट के हिसाब से सब्सिडी दी जाती है. तीन किलोवाट से ऊपर तक का जो भी सोलर पैनल आप लगवाते हैं. उसमें आपको अधिकतम 78000 रुपये तक की सब्सिडी मिलती है.
इस योजना का फायदा सभी घर ले सकते हैं, लेकिन सब्सिडी सिर्फ 3 किलोवाट (kW या 3,000 वाट) क्षमता तक के छत सौर संयंत्रों के लिए ही मिलेगी। आप Learn More पर आवेदन कर सकते हैं। इस वेबसाइट पर आपको छत के हिसाब से लगने वाले सौर संयंत्र की उपयुक्त क्षमता और उससे होने वाले फायदों का पता लगाने में भी मदद मिलेगी।